आप कितने प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं! रिटायरमेंट घोषित किए खिलाड़ी की प्रशंसा किया सचिन तेंदुलकर ने।

Sachin
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भारत के भूतपूर्व खिलाड़ी श्रीसंत ने घरेलू क्रिकेट सहित सभी प्रकार के क्रिकेट से अपनी रिटायरमेंट घोषित कर दी है। इन्होंने पिछले 2006 में भारतीय एकदिवसीय टीम के लिए पदार्पण किया और उसके बाद उनके अद्भुत प्रतिभा के जरिए सिर्फ एक साल में ही इन्होंने भारतीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों के एक प्रमुख खिलाड़ी बन गए। पिछले 2007 में साउथ अफ्रीका में पहली बार आयोजित की गई आईसीसी की T20 विश्वकप में एम एस धोनी के नेतृत्व में भारत ने कप जीतकर इतिहास रचा।

उसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई सेमीफाइनल मैच में और पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई फाइनल मैच में मिस्बाह उल हक के कैच को इन्होंने सही तरह से पकड़ कर भारत की जीत के मौके को बढ़ोतरी दिया । उस श्रृंखला में भारत के जीत के लिए इनकी भागीदारी बहुत बड़ी थी।

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उसके बाद 2007 में साउथ अफ्रीका के जोहानसबर्ग नगर में खेली गई टेस्ट मैच में उस टीम के खिलाफ राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में भारतीय टीम ने जीत पाकर इतिहास रचा। वह पहली बार थी जब साउथ अफ्रीका में उनके खिलाफ भारत में एक टेस्ट जीत दर्ज की थी। उस मैच में अद्भुत गेंदबाजी की श्रीशांत को मैन ऑफ द मैच दिया गया था और फिर से एक ऐतिहासिक जीत में इन्होंने अपना नाम दर्ज कर दिया।

इसकी वजह से भारतीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों के एक प्रमुख तेज गेंदबाज बने श्रीशांत। पिछले 2011 में स्वदेश में विश्व कप जीती एम एस धोनी के नेतृत्व के भारतीय टीम में भी उन्होंने प्रमुख योगदान दिया है। इस तरह वे भारतीय क्रिकेट के एक जम्भवन के रूप में विकास कर रहे थे और तब 2013 में इन्होंने आईपीएल श्रृंखला में राजस्थान रॉयल्स टीम के लिए खेला और तब किसी बैटिंग के चक्कर में यह फस गए और इसकी वजह से उन्हें उम्र भर क्रिकेट खेलने से बैन कर दिया गया था।

इसके बावजूद उन्होंने उसके खिलाफ केस चलाई और उन्होंने पिछले 2019 में जीत हासिल की। उन्होंने कोर्ट ने साबित कर दिया कि उनके उस बैटिंग के साथ कोई संबंध नहीं है और उन पर लगा इल्जाम झूठा है। अपने आप को साबित करने के बाद इन्होंने भारतीय घरेलू क्रिकेट रणजी ट्रॉफी के लिए केरला टीम के लिए अद्भुत प्रदर्शन किया । अब 39 साल के श्रीशांत ने अगली पीढ़ी की युवाओं को मौका देने के लिए क्रिकेट के सभी प्रारूपों से अपनी रिटायरमेंट घोषित कर दी है।

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लेकिन भविष्य में वे विदेशों में आयोजित किए जाने वाले टी-20 श्रृंखला में खिलाड़ी के रूप में और एक कोच के रूप में काम करने वाले हैं और उन्होंने कहा है कि वे लगातार सिनेमा में पूरी तीव्रता के साथ अभिनय में उतरने वाले हैं। उनके इतनी उलझन में फंसने के बावजूद भारत के कईं ऐतिहासिक जीतो में इनके भागेदारी को याद करते हुए भारत के भूतपूर्व खिलाड़ी युवराज सिंह, सुरेश रैना, हरभजन सिंह जैसे कई क्रिकेट खिलाड़ियों ने उनकी रिटायरमेंट पर हार्दिक बधाइयां दी हैं। लेकिन भारत के लिए 2007 और 2011 में विश्वकप जीते टीम में खेले इनको सम्मानित करने के रूप में बीसीसीआई ने अपनी ऑफिशियल पेज में इनके रिटायरमेंट के बारे में एक छोटी मैसेज भी पोस्ट नहीं की है।

ऐसी स्थिति में बीसीसीआई के उनके नजरअंदाज करने के बावजूद भारतीय क्रिकेट के जांभवन माने जा रहे सचिन तेंदुलकर ने श्रीशांत की कूट कूट के प्रशंसा की है । उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम पेज में इस सिलसिले में कहा है कि मैं हमेशा आपको बहुत ज्यादा तकनीक जाने हुए एक बहुत ही प्रतिभाशाली गेंदबाज के रूप में ही देख रहा हूं।

भारत के लिए इतने साल खेले आपको मेरी हार्दिक बधाई । आपके दूसरी इनिंग्स के लिए मेरी हार्दिक बधाइयां । इन शब्दों के साथ इन्होंने उनके साथ लिए एक फोटो को पोस्ट किया है। क्रिकेट प्रशंसकों का मानना है कि क्यों ना वह बैटिंग स्कैम में फंसे हो लेकिन इन्होंने भारत के कई ऐतिहासिक जीत में अपना योगदान दिया है ।

इसमें कोई भी संदेह नहीं है कि ये भारत के बहुत ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से एक हैं। उनकी सच्ची प्रतिभा को पहचाने भारत के भूतपूर्व खिलाड़ियों ने इनकी प्रशंसा करते हुए उनकी आगे की जिंदगी के लिए अपनी बधाइयां दी है जो बहुत ही अच्छी बात है।

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