बेन स्टोक्स का बड़ा बयान कहा, मैं फ्लिंटॉफ नहीं बनूंगा

Ben stokes
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इंग्लैंड के ऑल-राउंडर बेन स्टोक्स को हाल ही में इंग्लैंड टेस्ट टीम की कप्तानी सौंपी गयी है। बेन ने इस बारे में कहा कि वे इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं और टेस्ट कप्तानी का दबाव उनके निजी प्रदर्शन को प्रभावित नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कप्तानी से ज़्यादा मीडिया का दबाव है उन पर कि कहीं मीडिया में चल रहीं रिपोर्ट्स उन पर भी वैसा ही नकारात्मक असर ना करे जैसा कि फ्लिंटॉफ और सर इयान बाथम के कैप्टन रहते हुए किया था।

स्काई स्पोर्ट्स से बात करते हुए स्टोक्स ने कहा,”एक ऑल-राउंडर होने के नाते मैं जब 18 वर्ष का था, तब से ही मेरी तुलना फ्लिंटॉफ और सर बाथम जैसे बड़े नामों से होती रही है। लेकिन मैंने हमेशा कहा है कि मैं ना ही फ्लिंटॉफ और ना ही सर इयान बनने की कोशिश में हूँ। मैं बेन स्टोक्स हूँ।”

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सर इयान बाथम ने 1980-81 में इंग्लैंड की कमान संभाली थी लेकिन कप्तान के तौर पर बुरी तरह फेल रहे थे। उन्होंने 12 मैचों में टीम को लीड किया और एक में भी जीत नहीं दिला सके। वहीं फ्लिंटॉफ ने कप्तानी के 11 मैचों में 2 में जीत हासिल की।

काम का भार मैनेज करने के बारे में स्टोक्स ने आगे कहा, “काम का भार तो पहले जैसा ही रहेगा क्योंकि मैं अभी भी उतने ही मैच खेल रहा होऊँगा जितने पहले खेल रहा था। मेरी प्रतिबद्धता टेस्ट क्रिकेट और इंग्लैंड टेस्ट टीम की प्रगति में है। मुझे मालूम है कि मुझे टीम को वापस जीत की पटरी पर ले आना है। और इस काम में टीम मैनेजमेंट और इयन मॉर्गन जैसे पुराने लोग मेरा साथ देंगे।

बेन ने यह भी कहा कि उन्हें कप्तानी का ऑफर स्वीकार करने के लिए ज़्यादा सोचना नहीं पड़ा। थोड़ा सोच-विचार तो करना ही पड़ता है क्योंकि आपको कैप्टेंसी के साथ आने वाले और तमाम तरह के भार में बारे में सोचना होता है। लेकिन यह ऐसा ऑफर था जिसे ठुकराया नहीं जा सकता था।

जानकारी के लिए बता दें कि बेन स्टोक्स को इंग्लैंड टेस्ट टीम का पूर्णकालिक कप्तान बनाने की घोषणा 28 अप्रैल को हुई। इसके पहले जो रूट टेस्ट की कप्तानी छोड़ चुके थे।

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